किशनगढ़-रूपनगढ़ में किसानों के लिए कमाई का नया जरिया बना ग्वारपाठा, सर्दी में फलियों की बढ़ी मांग से हुई आमदनी में वृद्धि

किशनगढ़/रूपनगढ़। सर्दी का मौसम किसानों के लिए राहत और कमाई दोनों लेकर आया है। स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक गुणकारी ग्वारपाठा (Aloe Vera) अब किसानों की अतिरिक्त आय का मजबूत साधन बन गया है। क्षेत्र के किसान ग्वारपाठे की फलियों को तोड़कर स्थानीय बाजारों में बेच रहे हैं, जिससे उनकी आमदनी में इजाफा हो रहा है।

 

रूपनगढ़ क्षेत्र में किसान इसे खेत की मेड़ों और ऊंचे स्थानों पर आसानी से उगा रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस फसल को न अतिरिक्त सिंचाई की आवश्यकता होती है और न ही किसी जानवर से नुकसान का खतरा रहता है। यही कारण है कि किसान इसे जोखिम-मुक्त आय का स्रोत मानकर बड़े स्तर पर अपना रहे हैं।

 

बारिश अधिक होने से उपज में बढ़ोतरी

 

इस बार बारिश सामान्य से अधिक होने के कारण ग्वारपाठे की उपज में भी बढ़ोतरी हुई है। किसानों के अनुसार, उनकी फसल इस बार पहले से ज्यादा तंदुरुस्त हुई है और फलियां भी अधिक निकली हैं।

 

80–90 रुपये किलो मिल रहा भाव

 

बाजार में इन दिनों ग्वारपाठे की फलियों की कीमत 80 से 90 रुपये प्रति किलो तक मिल रही है। मौजूदा भाव और कम लागत वाली खेती के चलते यह फसल किसानों के लिए सर्दी में अतिरिक्त आय का बड़ा स्रोत बनकर उभरी है।

 

स्थानीय कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में ग्वारपाठा खेती किसानों के लिए और भी ज्यादा लाभदायक साबित हो सकती है, क्योंकि इसके औषधीय उपयोगों के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है

Vikas Kumar
Author: Vikas Kumar

Leave a Comment

और पढ़ें

best news portal development company in india

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें

“नशे के सौदागरों पर ANTF ने एकसाथ ऐसा शिकंजा कसा कि चार जिलों में हड़कंप मच गया। जालोर से उदयपुर, कोटा से राजसमंद तक चली ताबड़तोड़ कार्रवाइयों में करोड़ों का मादक पदार्थ जब्त हुआ और तस्करी का संगठित नेटवर्क बेनकाब हो गया।”