काराकस/वॉशिंगटन।
अमेरिका और रूस के बीच एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। वेनेजुएला के समुद्री क्षेत्र में फंसे एक रूसी तेल टैंकर को लेकर दोनों महाशक्तियां आमने-सामने आ गई हैं। ‘बेला-1’ नाम का यह टैंकर भले ही खाली बताया जा रहा हो, लेकिन अमेरिका इसे अवैध तेल तस्करी में शामिल टैंकर बेड़े का हिस्सा मानते हुए पिछले दो हफ्तों से उसका पीछा कर रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने वेनेजुएला के पास इस जहाज को घेरने की कोशिश की, जिस दौरान हालात हाथापाई तक पहुंचने की कगार पर आ गए। अमेरिका की नाकाबंदी के चलते बेला-1 वेनेजुएला में तेल लोड नहीं कर सका।
पुतिन का सख्त जवाब
रूस ने अमेरिकी कार्रवाई को उकसावे वाला कदम बताया है। हालात बिगड़ते देख रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने टैंकर की सुरक्षा और उसे सुरक्षित वापस लाने के लिए एक पनडुब्बी सहित अन्य नौसैनिक संसाधन रवाना कर दिए हैं। इस कदम से कैरेबियन क्षेत्र में सैन्य तनाव और बढ़ गया है।
ट्रंप–पुतिन टकराव की नई वजह
विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच सीधे टकराव की नई वजह बन सकती है। पहले से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध और प्रतिबंधों के बीच यह मामला वैश्विक राजनीति में नया बवाल खड़ा कर सकता है।
अंतरराष्ट्रीय नजरें टिकीं
फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें वेनेजुएला के समुद्री क्षेत्र पर टिकी हैं। आशंका जताई जा रही है कि अगर किसी भी पक्ष ने आक्रामक कदम उठाया, तो मामला बड़े सैन्य संघर्ष में बदल सकता है।












