धार्मिक वेश में ड्रग माफिया! 12 ज्योतिर्लिंग घूमा, 30 लाख किलो एमडी बेची, अब सलाखों के पीछे पूजा-पाठ की आड़ में ज़हर का कारोबार ‘ऑपरेशन विषपुंज’ में ANTF–ATS की सबसे बड़ी कामयाबी

जयपुर।

राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एमडी ड्रग्स के मुख्य सूत्रधार और राजस्थान के टॉप-10 वांछित अपराधी रमेश कुमार उर्फ अनिल उर्फ रामलाल को पश्चिम बंगाल के कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन विषपुंज’ के तहत की गई।

गिरफ्तार आरोपी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना व कर्नाटक समेत पांच राज्यों में करीब तीन दर्जन गंभीर मामलों में वांछित है।

31 साल की उम्र, अपराधों का अंबार

ATS महानिरीक्षक पुलिस श्री विकास कुमार ने बताया कि आरोपी रमेश कुमार (31) निवासी नेड़ी नाड़ी, धोरीमन्ना, जिला बाड़मेर महज 12वीं के बाद अपराध की दुनिया में उतर गया था। वाहन चोरी, शराब तस्करी, मारपीट, लूट, फिरौती और अपहरण जैसे संगीन अपराधों से होते हुए वह एमडी ड्रग्स के काले कारोबार का बड़ा सरगना बन गया।

धार्मिक यात्राओं की आड़ में फरारी

पुलिस जांच में सामने आया कि रमेश गिरफ्तारी से बचने के लिए खुद को धार्मिक व्यक्ति बताकर 12 ज्योतिर्लिंगों और चार धामों की यात्रा करता रहा। हाल ही में वह जगन्नाथपुरी से लौटकर गंगासागर जाने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसका खेल खत्म कर दिया।

कभी केमिस्ट टीचर, कभी केमिकल व्यापारी

कोलकाता और हावड़ा में रमेश खुद को केमिस्ट्री टीचर और केमिकल कारोबारी बताकर रह रहा था। लोगों का भरोसा जीतकर उसने कई जगह ठिकाने बनाए। हावड़ा की एक स्टील दुकान और ट्रैवल एजेंट के जरिए पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस की।

करोड़ों का काला कारोबार

जांच में खुलासा हुआ कि महाराष्ट्र से सीखा गया एमडी बनाने का फॉर्मूला इस्तेमाल कर रमेश ने राजस्थान में फैक्ट्रियां खड़ी कीं।

एक किलो एमडी बनाने में करीब एक लाख रुपये खर्च होता था, जिसकी बाजार कीमत 30 लाख रुपये तक थी। इस अवैध धंधे से उसने करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली।

राजस्थान में कई फैक्ट्रियों से जुड़ा

पुलिस के अनुसार—

जोधपुर, बाड़मेर, सिरोही समेत कई इलाकों में पकड़ी गई एमडी फैक्ट्रियों का सीधा लिंक रमेश से है।

कई अन्य ठिकानों की जांच अभी जारी है, जिनका खुलासा सुरक्षा कारणों से फिलहाल नहीं किया गया।

ANTF–ATS की संयुक्त कार्रवाई

 

लगातार तकनीकी व मैनुअल इनपुट, हवाई यात्रा रिकॉर्ड और गुप्त निगरानी के बाद ANTF और ATS की संयुक्त टीम ने कोलकाता में दबिश देकर आरोपी को धर दबोचा।

Vikas Kumar
Author: Vikas Kumar

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“नशे के सौदागरों पर ANTF ने एकसाथ ऐसा शिकंजा कसा कि चार जिलों में हड़कंप मच गया। जालोर से उदयपुर, कोटा से राजसमंद तक चली ताबड़तोड़ कार्रवाइयों में करोड़ों का मादक पदार्थ जब्त हुआ और तस्करी का संगठित नेटवर्क बेनकाब हो गया।”