जयपुर/जोधपुर।
राजस्थान पुलिस की मादक पदार्थ विरोधी कार्यबल (ANTF) ने ऑपरेशन तंत्रिपाल के तहत मादक पदार्थ तस्करी के एक शातिर और बहुरूपिया आरोपी सहदेव को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी लंबे समय से नाम–पहचान बदलकर राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में सक्रिय था और लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था।
एटीएस एवं एएनटीएफ के महानिरीक्षक श्री विकास कुमार ने बताया कि अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्री एम.एन. दिनेश के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। आरोपी सहदेव फरारी के दौरान अज्ञातवास में रहकर तस्करी के नेटवर्क को संचालित कर रहा था, इसी वजह से इस विशेष कार्रवाई को ऑपरेशन तंत्रिपाल नाम दिया गया।
इलाज के बहाने आया रडार पर
जांच के दौरान ANTF को सूचना मिली कि सहदेव जोधपुर में इलाज के लिए आने वाला है। आरोपी की गतिविधियों पर तकनीकी व मानवीय निगरानी बढ़ाई गई। CCTV फुटेज और मोटरसाइकिल के नंबर प्लेट के आधार पर उसका पीछा किया गया और अंततः पाली के पास मोगड़ा गांव के नजदीक उसे दबोच लिया गया।
फर्जी पहचान में था माहिर
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी लगातार अपनी पहचान छिपाने की कोशिश करता रहा और खुद को सहदेव का भाई बताता रहा, लेकिन पैरों में लगी पुरानी चोट और गहन पूछताछ के बाद उसकी पोल खुल गई। पूछताछ में सामने आया कि कुछ समय पहले हुए बाइक एक्सीडेंट के बाद उसने पावटा स्थित एक निजी अस्पताल में अपने भाई की फर्जी पहचान के दस्तावेजों से इलाज कराया था, ताकि पुलिस रिकॉर्ड में उसका नाम सामने न आए।
तस्करी का लंबा आपराधिक इतिहास
जांच में यह भी सामने आया कि सहदेव के खिलाफ मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े कई प्रकरण दर्ज हैं, लेकिन हर बार वह फर्जी नाम और पहचान बदलकर बच निकलता था। उसकी कार्यशैली और नेटवर्क को देखते हुए भीलवाड़ा पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
गरीबी से अपराध की दुनिया तक
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सहदेव साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से था। आर्थिक तंगी के चलते वह पहले छोटे-मोटे कामों में लगा, लेकिन बाद में अपने दो मौसेरे भाइयों के संपर्क में आकर नशे के कारोबार में उतर गया और धीरे-धीरे तस्करी के बड़े नेटवर्क का हिस्सा बन गया।










