रेत के धोरों में ‘जहर की फैक्ट्री’ ध्वस्त, 18 करोड़ की एमडी 15 दिन में बनाने का खुलासा

एटीएस-एएनटीएफ की संयुक्त कार्रवाई, बाड़मेर के चौहटन में सिंथेटिक ड्रग लैब पर छापा — एक आरोपी गिरफ्तार, भारी मात्रा में केमिकल व उपकरण बरामद

जयपुर/बाड़मेर, 23 फरवरी।

राजस्थान में सिंथेटिक नशे के काले कारोबार पर बड़ा प्रहार करते हुए एटीएस एवं एएनटीएफ ने बाड़मेर जिले के चौहटन थाना क्षेत्र के सुनसान धोरों में संचालित अवैध एमडी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर दिया। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी मात्रा में केमिकल, ड्रम और उपकरण जब्त किए गए।

महानिरीक्षक एटीएस एवं एएनटीएफ श्री विकास कुमार ने बताया

कि पश्चिमी राजस्थान के जालोर, बाड़मेर, जैसलमेर और जोधपुर में लंबे समय से सिंथेटिक नशे का नेटवर्क सक्रिय था। तस्कर पहले सीमा पार से नशा लाते थे, लेकिन अधिक मुनाफे के लालच में अब सुनसान इलाकों में अवैध लैब स्थापित कर स्थानीय स्तर पर उत्पादन शुरू कर दिया था।

15 दिन में 18 करोड़ की एमडी बनाने की तैयारी

जांच में सामने आया कि जब्त कच्चे माल से करीब 60 हजार डोज तैयार की जा सकती थीं, जिनकी बाजार कीमत लगभग 18 करोड़ रुपये आंकी गई है। एक ग्राम एमडी की कीमत करीब तीन हजार रुपये बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, यह खेप हजारों युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल सकती थी।

खेत के टीनशेड में चल रही थी लैब

सूचना के आधार पर एएनटीएफ टीम ने बावड़ी गांव के धोरों में एक टीनशेड कमरे को घेराबंदी कर दबिश दी। तलाशी में एमएसएम (मिथाइल सल्फो मेथेन), टोल्यून, एचसीएल, कास्टिक सोडा सहित कई केमिकल, 55 लीटर ब्लैक कलर लिक्विड और अन्य उपकरण बरामद किए गए।

घेराबंदी के दौरान आरोपी भागने की कोशिश में था, लेकिन टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 26 वर्षीय भगाराम पुत्र रिजूलाल भील, निवासी रोडियों का तला, चौहटन के रूप में हुई है।

शराब तस्करी से एमडी तक का सफर

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी पहले शराब तस्करी में लिप्त था और गुजरात में कई प्रकरण दर्ज हैं। जेल से बाहर आने के बाद उसने साथियों के साथ मिलकर एमडी निर्माण का धंधा शुरू करने की साजिश रची थी। करीब 10-15 दिन पहले ही केमिकल व उपकरण खरीदकर उत्पादन की तैयारी की गई थी।

Vikas Kumar
Author: Vikas Kumar

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