राज्य में आईपीएस अधिकारियों की नई तबादला सूची जारी होने के बाद पुलिस महकमे में व्यापक फेरबदल किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार इस बार तबादलों में सिफारिशों की बजाय कार्यकुशल और परिणाम देने वाले अधिकारियों को प्राथमिकता दी गई है। पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव शर्मा ने कई मामलों में सख्ती दिखाते हुए नेताओं के अनावश्यक हस्तक्षेप को महत्व नहीं दिया और काम के आधार पर अधिकारियों की पोस्टिंग की गई।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का भी जोर प्रभावी और परिणामदायी पुलिसिंग पर बताया जा रहा है। जिन जिलों में अधिकारियों की छवि कमजोर मानी जा रही थी, वहां बदलाव किए गए हैं। वहीं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के एक वायरल पत्र के बाद आईपीएस नारायण टोगस को हटाए जाने की चर्चा भी रही। हालांकि टोगस को पहले डीआईजी बनाया गया था, लेकिन इस सूची में उन्हें पद से हटाया गया।
नई सूची में अमृता दुहन को बड़ा जिला देते हुए उदयपुर का एसपी बनाया गया है। वहीं मजबूत और अनुभवी अधिकारी मृदुल कच्छावा को बीकानेर जैसे चुनौतीपूर्ण जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सीकर के एसपी प्रवीण नायक को अच्छे कार्य के चलते पद पर बरकरार रखा गया है।
इसके अलावा पति-पत्नी दोनों अधिकारियों को फील्ड पोस्टिंग दी गई है। पुष्पेंद्र राठौड़ को सिरोही का एसपी बनाया गया है, जबकि कमल शेखावत को जोधपुर में डीसीपी लगाया गया है। हनुमानगढ़ के एसपी हरीशंकर को श्रीगंगानगर का एसपी नियुक्त किया गया है।
कुछ अधिकारियों को नॉन-फील्ड पोस्टिंग भी दी गई है। लोकेंद्र सोनवाल और प्यारेलाल शिवरान को नॉन-फील्ड में लगाया गया है, जबकि मोनिका को पाली जिले की जिम्मेदारी दी गई है। नए आईपीएस रोशन मीणा को नागौर जैसा प्रमुख जिला सौंपा गया है।
वहीं पहली पोस्टिंग के बाद प्रशांत किरण को जयपुर वेस्ट में लगाया गया है। चर्चित आईपीएस ज्येष्ठा को बांसवाड़ा जिले की जिम्मेदारी दी गई है। प्रमोटेड आईपीएस सतनाम सिंह को फलोदी जिले में तैनात किया गया है।
नई सूची में हेमंत कलाल को राजसमंद का एसपी बनाया गया है। केबल शरण को एएसपी डींग लगाया गया है। बुजेश उपाध्याय को भिवाड़ी के साथ खैरथल-तिजारा का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है।
सरकार और पुलिस मुख्यालय का स्पष्ट संदेश है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इम्प्रेसिव पुलिसिंग को प्राथमिकता दी जाएगी और प्रदर्शन के आधार पर ही जिम्मेदारियां तय होंगी।









