जयपुर/बाड़मेर, 18 मार्च
राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यात MD तस्कर राजू को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। करीब 7 साल से फरार और 40 हजार रुपये के इनामी इस आरोपी को “ऑपरेशन जेंटल-मेन्टल” के तहत पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी MD ड्रग्स की सप्लाई चेन में मार्केटिंग हेड/सीईओ स्तर की भूमिका निभा रहा था और अंतरराज्यीय नेटवर्क संचालित कर रहा था।
🔍 कॉर्पोरेट स्टाइल में चल रहा था नशे का कारोबार
ऐसे कसा शिकंजा ANTF ने लाइव…
जांच में सामने आया कि आरोपी राजू ने MD ड्रग्स के अवैध कारोबार को कॉर्पोरेट ढांचे की तरह संगठित कर रखा था।
अलग-अलग लोगों को फैक्ट्री मैनेजर, अकाउंटेंट और सप्लाई एजेंट की जिम्मेदारी दी गई थी
राजस्थान से लेकर गुजरात और मध्यप्रदेश तक नेटवर्क फैला हुआ था
थोक विक्रेताओं से सीधे संपर्क कर बड़े स्तर पर सप्लाई की जाती थी
💰 प्रति ट्रिप लाखों की कमाई, 100 करोड़ का कारोबार
राजू का अपराधी सफर छोटे स्तर से शुरू होकर बड़े नेटवर्क तक पहुंचा।
शुरुआत में 15 हजार रुपये प्रति ट्रिप कमाता था
बाद में यह कमाई बढ़कर 1.5 लाख से 15 लाख प्रति ट्रिप तक पहुंच गई
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी अब तक करीब 100 करोड़ रुपये का नशा बेच चुका है
👨👦 पिता बॉर्डर पर, बेटा अपराध की दुनिया में
दिलचस्प बात यह है कि आरोपी का पिता सीमा सुरक्षा में तैनात है, लेकिन राजू ने इसका गलत फायदा उठाकर अपराध की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना ली।
🎯 ऐसे हुआ गिरफ्तार
ANTF की टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए लंबा ऑपरेशन चलाया।
कई बार पुलिस को चकमा देकर फरार हो चुका था
गांव में मुखबिरों का मजबूत नेटवर्क बना रखा था
हाल ही में अमावस्या के मौके पर गांव आने की सूचना मिली
टीम ने महिला मुखबिर की मदद से लोकेशन ट्रैक कर घेराबंदी कर गिरफ्तार किया
🧠 अंधविश्वास और चालाकी का सहारा
पुलिस के अनुसार आरोपी जादू-टोना और अंधविश्वास में विश्वास करता था और मानता था कि इससे वह पुलिस से बच सकता है। इसी वजह से वह लगातार फरार रहने में सफल रहा।
🏷️ ऑपरेशन का नाम कैसे पड़ा?
राजू की महिलाओं में “जेंटल” और अपराधियों के बीच “मेंटल” छवि को देखते हुए ANTF ने इस ऑपरेशन का नाम “जेंटल-मेन्टल” रखा।








