राजस्थान में नशे पर बड़ा प्रहार: ANTФ की ताबड़तोड़ कार्रवाई, 58 किलो अफीम समेत करोड़ों का माल जब्त, एक ही दिन में चार बड़ी कार्रवाइयाँ, 3 करोड़ से अधिक का मादक पदार्थ बरामद, कुख्यात तस्कर पिता-पुत्र गिरफ्तार

जयपुर/राजसमंद/चित्तौड़गढ़/बांसवाड़ा से विशेष रिपोर्ट

राजस्थान में मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए नशे के सौदागरों पर करारा प्रहार किया है। एक ही दिन में अलग-अलग जिलों में की गई चार बड़ी कार्रवाइयों में करीब 58 किलो अवैध अफीम, 35.920 किलो डोडा-पोस्त और 21.83 ग्राम एमडीएमए बरामद किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 3 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

ऑपरेशन ‘विभीषण’ में बड़ी कामयाबी

राजसमंद जिले के देवगढ़ क्षेत्र में चलाए गए ऑपरेशन “विभीषण” के तहत ANTF ने फिल्मी अंदाज में पीछा कर कुख्यात तस्कर भंवर सिंह और उसके बेटे जितेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया। दोनों अलग-अलग लग्जरी गाड़ियों में करीब 58 किलो अफीम लेकर जा रहे थे। पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया।

👉 खास बात यह रही कि पिता मुख्य तस्करी कर रहा था, जबकि बेटा उसकी सुरक्षा में एस्कॉर्ट कर रहा था।

वेटर बना मुखबिर, खुला तस्करी का राज

जांच में सामने आया कि आरोपी हर बार सांवरिया सेठ मंदिर के पास एक ढाबे पर रुकता था। ANTF ने ढाबे के वेटर को मुखबिर बनाकर पूरी सूचना जुटाई और सटीक योजना बनाकर तस्करों को पकड़ लिया।

ऑपरेशन ‘पहाड़िया’ में इनामी तस्कर गिरफ्तार

दूसरी बड़ी कार्रवाई में बांसवाड़ा जिले में 25 हजार के इनामी तस्कर दशरथ उर्फ बंगाली को गिरफ्तार किया गया। आरोपी लंबे समय से मध्यप्रदेश और गुजरात में फरार चल रहा था और पहचान छुपाकर मजदूरी कर रहा था। ANTF ने घेराबंदी कर उसे धर दबोचा।

तीसरी और चौथी कार्रवाई भी सफल

चित्तौड़गढ़ में 35.920 किलो डोडा-पोस्त और 15.83 ग्राम MDMA बरामद

भीलवाड़ा में 6 ग्राम MDMA के साथ एक आरोपी गिरफ्तार

तस्कर पुलिस नाकाबंदी तोड़कर भागे, लेकिन माल बरामद कर लिया गया

📊 फैक्ट बॉक्स

कुल अफीम बरामद: 57.640 किलो

डोडा-पोस्त: 35.920 किलो

एमडीएमए: 21.83 ग्राम + 6 ग्राम

कुल कीमत: करीब 3 करोड़ रुपये

गिरफ्तार आरोपी: 4+

इनामी आरोपी: ₹25,000

अपराध का पुराना इतिहास

मुख्य आरोपी भंवर सिंह पहले भी NCB द्वारा 22 किलो अफीम तस्करी मामले में गिरफ्तार हो चुका है और करीब 8 साल जेल काट चुका है। जेल से बाहर आने के बाद उसने फिर से तस्करी शुरू कर दी और अपने बेटे को भी इस धंधे में शामिल कर लिया।

पुलिस का संदेश

ANTF के महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया

कि नशे के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। आमजन से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

Vikas Kumar
Author: Vikas Kumar

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