जयपुर। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने रविवार को एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 9 साल से फरार चल रहे 45 हजार के इनामी तस्कर को दबोच लिया। “ऑपरेशन विभंजन” के तहत चली इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई में न केवल कुख्यात तस्कर नितेश को गिरफ्तार किया गया, बल्कि अलग-अलग जिलों में की गई ताबड़तोड़ कार्रवाइयों में भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ भी जब्त किए गए।
तीन बड़ी कार्रवाई, तस्करों में मचा हड़कंप
ANTF की टीमों ने एक ही दिन में तीन मोर्चों पर जबरदस्त एक्शन लेते हुए तस्करी के नेटवर्क की कमर तोड़ दी।
पहली कार्रवाई: मध्यप्रदेश सीमा से सक्रिय 45 हजार के इनामी तस्कर नितेश को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया।
दूसरी कार्रवाई: बाड़मेर जिले में 103.801 किलो डोडा-पोस्त बरामद कर एक आरोपी को दबोचा गया।
तीसरी कार्रवाई: टोंक जिले में फिल्मी अंदाज में पीछा कर 45.892 किलो डोडा-चूरा और एक स्कॉर्पियो कार जब्त कर तस्कर कैलाश को पकड़ा गया।
फिल्मी स्टाइल में पीछा, गलियों में घेराबंदी
झालावाड़ से टोंक तक चली इस हाई-वोल्टेज चेजिंग में ANTF टीमों ने तस्करों का पीछा करते हुए कई किलोमीटर तक निगरानी रखी। पुलिस की भनक लगते ही तस्करों ने संकरी गलियों में गाड़ी घुसाकर भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने जबरदस्त घेराबंदी कर उन्हें धर दबोचा।
मारवाड़ में सप्लाई से पहले ही ध्वस्त हुआ नेटवर्क
तस्कर मारवाड़ क्षेत्र में बड़ी खेप पहुंचाने की फिराक में थे, लेकिन ANTF ने समय रहते कार्रवाई कर पूरे नेटवर्क को तहस-नहस कर दिया। इससे क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा है।
9 साल से पुलिस को दे रहा था चकमा
मुख्य आरोपी नितेश बेहद शातिर था और पिछले 9 वर्षों से पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था। वह तस्करों के बीच समन्वय स्थापित कर बड़े पैमाने पर डोडा-चूरा सप्लाई करता था। पुलिस रिकॉर्ड में नाम आने के बावजूद वह हर बार बच निकलता था।
पढ़ा-लिखा तस्कर, बनाया बड़ा नेटवर्क
चौंकाने वाली बात यह है कि नितेश बी.कॉम तक पढ़ा-लिखा है। रोजगार न मिलने के कारण उसने पहले छोटे स्तर पर काम शुरू किया और फिर तस्करी के दलदल में फंसकर खुद बड़ा सरगना बन बैठा।
धर्म और दान का ढोंग, पुलिस को करता रहा गुमराह
नितेश अपनी काली कमाई का एक हिस्सा समाजसेवा और धार्मिक कार्यों में खर्च करता था, जिससे इलाके में अपनी छवि “भला आदमी” की बनाए रखता था और पुलिस की नजरों से बचता रहा।
सटीक रणनीति से मिली सफलता
करीब दो महीने की कड़ी निगरानी और मुखबिर तंत्र की मदद से ANTF ने जाल बिछाया। आखिरकार मंदिर के पास सादी वर्दी में तैनात टीमों ने उसे घेरकर गिरफ्तार कर लिया, जिससे 9 साल पुराना फरारी का खेल खत्म हो गया।








