जयपुर:- मादक पदार्थ विरोधी कार्यबल (ANTF) राजस्थान ने “ऑपरेशन मदार्जर” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात गैंगस्टर राजाराम उर्फ राजू मांजु को जयपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर 75 हजार रुपये का इनाम घोषित था और पिछले 13 वर्षों में उसके खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, अपहरण, आर्म्स एक्ट, मादक पदार्थ तस्करी, धमकी और पुलिस पर हमले जैसे करीब 36 संगीन मामले दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार, राजू मांजु ने 2017-18 में 007 गैंग का गठन किया और पश्चिमी राजस्थान में अपना आतंक स्थापित कर लिया। उसके गिरोह की अन्य गैंगों से खूनी रंजिशें रही, जिसके चलते क्षेत्र में कई बार फिल्मी अंदाज में फायरिंग और गैंगवार की घटनाएं हुईं।
फिल्मी स्टाइल में अपराध, सोशल मीडिया पर दबदबा:
राजू मांजु का अंदाज पूरी तरह फिल्मी था। वह विरोधियों पर सड़कों पर वाहनों से पीछा कर हमला करता, फायरिंग करता और दहशत फैलाता था। सोशल मीडिया पर भी उसका बड़ा प्रभाव था, जहां लाखों फॉलोअर्स के बीच वह अपने रुतबे और हथियारों का प्रदर्शन करता था।
टोल ठेकों से लेकर ड्रग्स तस्करी तक फैला नेटवर्क:
शुरुआत टोल ठेकों में वसूली से करने वाला राजू मांजु धीरे-धीरे हथियारों की सप्लाई, रंगदारी और मादक पदार्थों की तस्करी में उतर गया। जोधपुर से लेकर गंगानगर तक उसका नेटवर्क फैला हुआ था और बड़े ठेकेदारों व कारोबारियों से वसूली उसका मुख्य धंधा बन चुका था।
ऐसे हुआ गिरफ्तारी का ड्रामेटिक प्लान:
पुलिस ने बेहद शातिर तरीके से जाल बिछाया। राजू मांजु को हथियारों की डील के बहाने जयपुर बुलाया गया। कई दिनों तक निगरानी के बाद मानसरोवर क्षेत्र के एक पार्क में उसे घेर लिया गया। खास बात यह रही कि आरोपी खुद को बचाने के लिए भेष बदलकर पहुंचा था, लेकिन पुलिस की नजरों से बच नहीं सका।
पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसने यह तरीका फिल्मों से प्रेरित होकर अपनाया था ताकि खुद को सुरक्षित रख सके।
गैंगस्टर से “समाजसेवी” बनने की कोशिश:
अपराध की दुनिया में पैर जमाने के बाद राजू मांजु ने अपनी छवि सुधारने के लिए गोशाला खोलने और सामाजिक कार्यक्रमों का सहारा भी लिया, लेकिन पुलिस की नजरों से वह कभी बच नहीं पाया।
पुलिस का संदेश:
ANTF के महानिरीक्षक ने बताया कि यह कार्रवाई अपराधियों के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है और आगे भी ऐसे ऑपरेशन जारी रहेंगे। आमजन से अपील की गई है कि किसी भी अपराधी की सूचना तुरंत पुलिस को दें, उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।








