जयपुर/बाड़मेर, 7 अप्रैल।
राजस्थान में एटीएस और बाड़मेर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का बड़ा पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सीमा पार से लाई गई करीब 5 किलो मेथामफेटामाइन ड्रग जब्त कर दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 25 करोड़ रुपये आंकी गई है।
कैसे पकड़े गए तस्कर?
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने बाड़मेर के पास लॉटरी हाईट क्षेत्र में नाकाबंदी की। इस दौरान एक संदिग्ध ईको गाड़ी को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें 5 पैकेट्स में 4.980 किलो ड्रग्स बरामद हुई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:
सलमान (सजन का पार, रामसर)
शंकरराम (मेघवाल)
पाकिस्तान से जुड़ा सीधा कनेक्शन
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि:
ड्रग्स पाकिस्तान के थरपारकर जिले से सप्लाई होती थी
आरोपी सीधे पाकिस्तानी हैंडलर “मसाद” के संपर्क में थे
व्हाट्सएप कॉल और लोकेशन के जरिए निर्देश दिए जाते थे लोकेशन मॉडल से तस्करी: जमीन में गाड़े जाते थे पैकेट
तस्करी का तरीका बेहद शातिर था:
सीमा से 150–250 मीटर दूर जमीन में ड्रग्स छिपाए जाते थे
आरोपी मोबाइल लोकेशन के जरिए जाकर पैकेट निकालते थे
काम पूरा होने के बाद मोबाइल डेटा और चैट डिलीट कर दी जाती थी
डिजिटल और कैश पेमेंट का खेल
पैसे एयरटेल पेमेंट बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाते थे
बड़े काम के लिए नकद रकम भी गुप्त जगहों पर जमीन में दबाकर दी जाती थी
बड़ा खुलासा: ड्रग्स के साथ हथियार और विस्फोटक तस्करी भी
पूछताछ में आरोपियों ने यह भी कबूल किया कि: 👉 सीमा पार से हथियार और विस्फोटक सामग्री की तस्करी भी होती रही है
इस खुलासे के बाद:
एटीएस, एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर
पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए बड़े स्तर पर जांच जारी
कई और गिरफ्तारियां संभव
पुलिस के अनुसार:
इस नेटवर्क से जुड़े कई “सफेदपोश” चेहरे सामने आ सकते हैं
मोबाइल डेटा, बैंक ट्रांजेक्शन और व्हाट्सएप चैट की जांच जारी
आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां संभव









