राजस्थान में नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और सबसे आक्रामक मुहिम शुरू होने जा रही है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने “ऑपरेशन लक्ष्मण रेखा” के जरिए राज्य के हर स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान के चारों ओर 500 मीटर क्षेत्र को “नशा मुक्त ज़ोन” घोषित करने की तैयारी कर ली है। इस अभियान में पुलिस, शिक्षक, छात्र स्वयंसेवक और समाज के जिम्मेदार लोगों को एक मंच पर लाकर नशे के कारोबारियों पर सीधा प्रहार किया जाएगा।
जयपुर से शुरू हुआ बड़ा मिशन, पूरे राजस्थान में चलेगा अभियान
महानिरीक्षक पुलिस एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स राजस्थान जयपुर द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार “ऑपरेशन लक्ष्मण रेखा” का मुख्य उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों को नशे की गिरफ्त से बचाना तथा शैक्षणिक परिसरों को पूरी तरह सुरक्षित बनाना है। अभियान के तहत राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों का चिन्हीकरण और अभिलेखीकरण किया जाएगा।
स्कूलों में लगेगा गुप्त लेटर बॉक्स, छात्र देंगे नशे की सूचना
इस अभियान की सबसे खास बात यह रहेगी कि प्रत्येक शैक्षणिक संस्थान में “गुप्त लेटर बॉक्स” लगाया जाएगा, जिसमें छात्र आसपास बिक रहे नशे, नशा तस्करों और प्रभावित विद्यार्थियों की जानकारी गोपनीय रूप से दे सकेंगे। इन सूचनाओं पर ANTF और स्थानीय पुलिस तत्काल कार्रवाई करेगी।
छात्र स्वयंसेवक और “शिक्षक योद्धा” बनेंगे अभियान की ताकत
हर संस्थान में कम से कम पांच छात्र स्वयंसेवकों और तीन “शिक्षक योद्धाओं” का पंजीकरण किया जाएगा, जो पुलिस और समाज के बीच समन्वय स्थापित करेंगे। ये टीम नशा मुक्ति जागरूकता, सूचना संग्रह और युवाओं को सही दिशा देने का काम करेगी।
नशा मुक्ति कार्यशालाएं, क्विज, पोस्टर प्रतियोगिता और शपथ कार्यक्रम
अभियान के तहत स्कूलों और कॉलेजों में एक दिवसीय नशा मुक्ति कार्यशालाओं का आयोजन होगा। इनमें प्रश्नोत्तरी, स्लोगन प्रतियोगिता, पोस्टर प्रदर्शनी, लघु नाटक और PPT प्रस्तुतियों के जरिए विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही “मुक्तियोद्धा”, “मदमर्दिनी” और “आह्वान” जैसी प्रेरणादायक वीडियो क्लिप भी दिखाई जाएंगी।
टोल फ्री हेल्पलाइन 1908 होगी शुरू
प्रेस नोट के अनुसार नशा मुक्ति के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1908 शुरू करने का भी प्रस्ताव है, जहां विद्यार्थी और अभिभावक गोपनीय रूप से सहायता और परामर्श प्राप्त कर सकेंगे।
तीन चरणों में चलेगा पूरा ऑपरेशन
“ऑपरेशन लक्ष्मण रेखा” को तीन चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में जागरूकता और पंजीकरण, दूसरे चरण में काउंसलिंग और नेटवर्किंग, जबकि अंतिम चरण में शैक्षणिक परिसरों को औपचारिक रूप से “नशा मुक्त परिसर” घोषित किया जाएगा।
आईजी विकास कुमार होंगे मुख्य समन्वयक
पूरे अभियान की मॉनिटरिंग मुख्यालय स्तर पर की जाएगी। प्रेस नोट के अनुसार उप महानिरीक्षक पुलिस/पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी मुख्य समन्वयक रहेंगे, जबकि जन जागरण एवं नशा मुक्ति शाखा अभियान का संचालन करेगी।










